| Menu Option | Offer | Price | Action |
|---|---|---|---|
| Abhishek | Jal abhisek | 500 | |
| Rudra Abhisek | Full Abhisek | 2000 | |
| flower | offering | 100 | |
| prasadam | Offferring | 101 |
| Stutas | Opening | Closing | |
|---|---|---|---|
| Moring Timing | 12:58 PM | 4:01 PM | Free |
| Evening Timing | 5:57 PM | 8:57 PM | Free |
hfghfghfgh
| Om Namaha Shiva | - | 4:00 PM | Free |
|---|---|---|---|
| Om Namaha Shiva | 7:00 PM | 10:00 PM | Free |
| Male | Kurta Pyajam/dhoti/lungi |
|---|---|
| Female | Saree, Kurta Payjama |
| dsfsdf | dsf | 3 |
|---|
| Name | Distance |
|---|---|
| Near Airport Diu | 100 Km |
| Near Bus Stand | 5 km |
Durga puja is an important festival in Hinduism. As per Hindu scriptures, the festival marks the victory of goddess Durga in her battle against the demon (asura)Mahishasura. The nine days are celebrated as “Nava”(9) Ratri.
Another name for Durga is “Durgatinashini” which means ‘the one who eliminates suffering’. Her name thus indicates her role as the one who protects her devotees and removes evil from the world.
Nirjala Ekadashi 2023 Shaligram Bhagwan Puja: हिंदू पंचांग के अनुसार आज निर्जला एकादशी है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पूजा हेतु रखा जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से साधक को सभी 24 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि निर्जला एकादशी के दिन शालिग्राम भगवान की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि एवं भाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, किस विधि से करनी चाहिए शालिग्राम भगवान की पूजा?
शास्त्रों में बताया गया है कि घर में शालिग्राम भगवान की स्थापना करने से समस्त दुखों का नाश होता है और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बता दें कि शालिग्राम श्याम रंग के शिलाओं को कहा गया है, जो विशेष रूप से गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। इनका आकार शिवलिंग जैसा ही होता है।
सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।
सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।
Nirjala Ekadashi 2023 Shaligram Bhagwan Puja: हिंदू पंचांग के अनुसार आज निर्जला एकादशी है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पूजा हेतु रखा जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से साधक को सभी 24 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि निर्जला एकादशी के दिन शालिग्राम भगवान की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि एवं भाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, किस विधि से करनी चाहिए शालिग्राम भगवान की पूजा?
शास्त्रों में बताया गया है कि घर में शालिग्राम भगवान की स्थापना करने से समस्त दुखों का नाश होता है और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बता दें कि शालिग्राम श्याम रंग के शिलाओं को कहा गया है, जो विशेष रूप से गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। इनका आकार शिवलिंग जैसा ही होता है।
सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।
सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।