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Kaashi Vishwanath Temple

Kaashi Vishwanath Temple
About the temples

Somnath is a magnificent temple located along the coastline in Prabhas Patan, Veraval, Saurashtra region of Gujarat. One of the 12 holy Jyotirlings of Lord Shiva is here in Somnath. Somnath temple is also mentioned in the chapter 13 of Shiva Purana.

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Abhishek Jal abhisek 500
Rudra Abhisek Full Abhisek 2000
flower offering 100
prasadam Offferring 101

Yes there is prasad avialable

A Person who has the faith in Hinduism can offer his/her prayer.

Darshan Timing is from 6:00 AM to 10:00 PM. Aarti Timings : Morning = 7:00 AM, 12:00 Noon, 7:00 PM. Light And Sound Show Timing = 8:00 PM To 9:00 PM. (Except in the Monsoon / Rainy Season).

Wheel Chairs / Golf Cart are available for physically challenged / Senior Citizens at the Main Gate of the Temple. And Lift Facility is available inside the Temple premise.
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VARANASI, UTTAR PRADESH

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Holi-Colour Festival

Durga puja is an important festival in Hinduism. As per Hindu scriptures, the festival marks the victory of goddess Durga in her battle against the demon (asura)Mahishasura. The nine days are celebrated as “Nava”(9) Ratri.

Another name for Durga is “Durgatinashini” which means ‘the one who eliminates suffering’. Her name thus indicates her role as the one who protects her devotees and removes evil from the world.

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Laxmi puja

Nirjala Ekadashi 2023 Shaligram Bhagwan Puja: हिंदू पंचांग के अनुसार आज निर्जला एकादशी है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पूजा हेतु रखा जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से साधक को सभी 24 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि निर्जला एकादशी के दिन शालिग्राम भगवान की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि एवं भाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, किस विधि से करनी चाहिए शालिग्राम भगवान की पूजा?

निर्जला एकादशी पर शालिग्राम भगवान की पूजा का महत्व

शास्त्रों में बताया गया है कि घर में शालिग्राम भगवान की स्थापना करने से समस्त दुखों का नाश होता है और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बता दें कि शालिग्राम श्याम रंग के शिलाओं को कहा गया है, जो विशेष रूप से गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। इनका आकार शिवलिंग जैसा ही होता है।

सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।

सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।

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vishnu puja

Nirjala Ekadashi 2023 Shaligram Bhagwan Puja: हिंदू पंचांग के अनुसार आज निर्जला एकादशी है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पूजा हेतु रखा जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से साधक को सभी 24 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि निर्जला एकादशी के दिन शालिग्राम भगवान की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि एवं भाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, किस विधि से करनी चाहिए शालिग्राम भगवान की पूजा?

निर्जला एकादशी पर शालिग्राम भगवान की पूजा का महत्व

शास्त्रों में बताया गया है कि घर में शालिग्राम भगवान की स्थापना करने से समस्त दुखों का नाश होता है और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बता दें कि शालिग्राम श्याम रंग के शिलाओं को कहा गया है, जो विशेष रूप से गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। इनका आकार शिवलिंग जैसा ही होता है।

सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।

सनातन धर्म में शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। वैष्णव संप्रदाय के लोगों के घर में शालिग्राम भगवान आवश्य स्थापित होते हैं। शास्त्रों में यह भी बताया गया शालिग्राम भगवान की उपासना करने से घर एवं परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और नकारात्मक पहुंचा नष्ट हो जाती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा साधक पर सदैव बनी रहती है।

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Rudra Abhishek

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